बिल गेट्स
बिल गेट्स (विलियम हेनरी गेट्स तृतीय; जन्म 28 अक्टूबर 1955) एक अमेरिकी व्यवसायी, सॉफ्टवेयर डेवलपर और परोपकारी हैं। उन्होंने 1975 में पॉल एलन के साथ माइक्रोसॉफ्ट की सह-स्थापना की और माइक्रो कंप्यूटर क्रांति के प्रमुख अग्रदूतों में गिने जाते हैं। गेट्स 1987 में दुनिया के सबसे कम उम्र के अरबपति बने और कई वर्षों तक दुनिया के सबसे धनी व्यक्तियों में शामिल रहे।[१]
प्रारंभिक जीवन और शिक्षा
बिल गेट्स का जन्म सिएटल, वाशिंगटन में हुआ था। उनके पिता विलियम एच. गेट्स सीनियर एक वकील थे और उनकी माता मैरी मैक्सवेल गेट्स एक व्यवसायिक बोर्ड सदस्य थीं। उन्होंने लेकसाइड स्कूल में पढ़ाई की, जहां उनकी कंप्यूटर में रुचि विकसित हुई। बाद में उन्होंने हार्वर्ड विश्वविद्यालय में प्रवेश लिया, लेकिन 1975 में माइक्रोसॉफ्ट शुरू करने के लिए पढ़ाई छोड़ दी।[२]
माइक्रोसॉफ्ट
1975 में, गेट्स और पॉल एलन ने माइक्रोसॉफ्ट की स्थापना की। कंपनी ने Altair BASIC से शुरुआत की और बाद में MS-DOS और Windows जैसे ऑपरेटिंग सिस्टम विकसित किए। 1980 में IBM के साथ साझेदारी ने माइक्रोसॉफ्ट को तेजी से वैश्विक पहचान दिलाई। 1986 में कंपनी के IPO के बाद गेट्स दुनिया के सबसे धनी व्यक्तियों में शामिल हो गए।[३]
गेट्स ने 2000 तक माइक्रोसॉफ्ट के CEO के रूप में कार्य किया। बाद में उन्होंने मुख्य सॉफ्टवेयर आर्किटेक्ट और तकनीकी सलाहकार के रूप में भूमिका निभाई।
परोपकार
गेट्स ने 2000 में बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन की स्थापना की, जो विश्व का सबसे बड़ा निजी धर्मार्थ संगठन है। यह संगठन स्वास्थ्य, शिक्षा और गरीबी उन्मूलन जैसे क्षेत्रों में कार्य करता है। गेट्स संक्रामक रोगों जैसे मलेरिया और पोलियो से लड़ने के प्रयासों के लिए भी जाने जाते हैं।[४]
अन्य कार्य
गेट्स कई कंपनियों और परियोजनाओं से जुड़े हैं, जिनमें टेरापावर, ब्रेकथ्रू एनर्जी और कैस्केड इन्वेस्टमेंट शामिल हैं। 2010 में उन्होंने वॉरेन बफेट के साथ "गिविंग प्लेज" की शुरुआत की, जिसमें अरबपतियों से अपनी संपत्ति का आधा हिस्सा दान करने का संकल्प लिया गया।[५]
व्यक्तिगत जीवन
गेट्स ने 1994 में मेलिंडा फ्रेंच से विवाह किया, लेकिन 2021 में उनका तलाक हो गया। उनके तीन बच्चे हैं। वह सिएटल में रहते हैं और प्रौद्योगिकी तथा परोपकार से जुड़े कार्यों में सक्रिय हैं।
नेट वर्थ
फरवरी 2026 तक, बिल गेट्स की कुल संपत्ति लगभग 107.7 बिलियन अमेरिकी डॉलर आंकी गई है, जिससे वे दुनिया के सबसे धनी व्यक्तियों में शामिल हैं।[६]