अब्दुल कलाम

भारतीय वैज्ञानिक और भारत के 11वें राष्ट्रपति (1931–2015)

ए. पी. जे. अब्दुल कलाम (15 अक्टूबर 1931 – 27 जुलाई 2015) भारत के 11वें राष्ट्रपति, प्रख्यात वैज्ञानिक और अभियंता थे। उन्हें “मिसाइल मैन” और “जनता के राष्ट्रपति” के नाम से जाना जाता है। उन्होंने रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और भारत के मिसाइल तथा अंतरिक्ष कार्यक्रम को मजबूत बनाया।[१]

ए. पी. जे. अब्दुल कलाम
अब्दुल कलाम
पूरा नाम अवुल पकिर जैनुलाब्दीन अब्दुल कलाम
जन्म 15 अक्टूबर 1931

रामेश्वरम, तमिल नाडु, भारत

मृत्यु 27 जुलाई 2015

शिलोंग, मेघालय, भारत

पेशा वैज्ञानिक, अभियंता, लेखक
पद भारत के 11वें राष्ट्रपति
कार्यकाल 2002–2007
पुरस्कार भारत रत्न, पद्म विभूषण, पद्म भूषण

प्रारंभिक जीवन

अब्दुल कलाम का जन्म तमिल नाडु के रामेश्वरम में एक मध्यमवर्गीय मुस्लिम परिवार में हुआ था। उनके पिता जैनुलाब्दीन नाव चलाने का कार्य करते थे। बचपन में उन्होंने आर्थिक सहायता के लिए अखबार बाँटने का काम किया।

उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा रामेश्वरम में पूरी की और बाद में मद्रास इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में स्नातक किया।[२]

वैज्ञानिक जीवन

कलाम ने अपने करियर की शुरुआत DRDO से की और बाद में ISRO से जुड़ गए। उन्होंने भारत के पहले स्वदेशी उपग्रह प्रक्षेपण यान (SLV-3) के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे रोहिणी उपग्रह को सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में स्थापित किया गया।

उन्होंने अग्नि और पृथ्वी जैसी मिसाइलों के विकास में योगदान दिया, जिसके कारण उन्हें “मिसाइल मैन” कहा गया। 1998 के पोखरण-II परमाणु परीक्षण में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।[३]

राष्ट्रपति कार्यकाल

कलाम 2002 में भारत के राष्ट्रपति चुने गए। उन्हें सभी प्रमुख राजनीतिक दलों का समर्थन प्राप्त था। उनका कार्यकाल 2002 से 2007 तक रहा। वे आम जनता और विशेष रूप से युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय थे, इसलिए उन्हें “जनता के राष्ट्रपति” कहा गया।

राष्ट्रपति पद के बाद

राष्ट्रपति पद छोड़ने के बाद, उन्होंने शिक्षा और शोध कार्यों में योगदान दिया। वे कई प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रोफेसर और मार्गदर्शक के रूप में कार्यरत रहे। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करने के लिए कई कार्यक्रम भी शुरू किए।[४]

निधन

27 जुलाई 2015 को शिलोंग में एक व्याख्यान के दौरान उन्हें दिल का दौरा पड़ा और उनका निधन हो गया। उनका अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ रामेश्वरम में किया गया।

व्यक्तिगत जीवन

कलाम सरल जीवन और उच्च विचारों के लिए जाने जाते थे। वे अनुशासनप्रिय और शाकाहारी थे। उन्होंने कई प्रेरणादायक पुस्तकें लिखीं, जिनमें विंग्स ऑफ फायर और इग्नाइटेड माइंड्स प्रमुख हैं।

पुरस्कार और सम्मान

  • पद्म भूषण (1981)
  • पद्म विभूषण (1990)
  • भारत रत्न (1997)
  • विश्व विद्यार्थी दिवस (15 अक्टूबर)

विरासत

अब्दुल कलाम को भारत के सबसे प्रेरणादायक व्यक्तित्वों में से एक माना जाता है। उनके विचार आज भी युवाओं को आगे बढ़ने और देश सेवा के लिए प्रेरित करते हैं।

संदर्भ